Feel this song ❤️❤️❤️

By Sayba Jabbar 1 hour ago
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एक खामोश दास्तान: शेहर की भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर गरमी और शोर का राज़ था। उसी भीड़ के बीच, एक छोटी उम्र की लड़की खड़ी थी, जिसकी नज़रें एक अजनबी पर थमी थीं। Jo काले लिबास में, लंबे बालों ke जुड़े में woh किसी हीरो se काम नहीं lag उसकी मुस्कुराहट उसकी आँखे bahut पियारी thi use पता bhi नहीं था ke उसे कोई उसे इतनी गौर se देख रहा हैँ sayad woh कोई परदेशी था sayad इसलिए इतनी भीड़ में bhi woh अलग दिख रहा था or woh इतनी हैरत और मासूमियत से उस शहर को देख रहा था। जैसे उशने पहली बार aisa इलाका या मंज़र देखा हैँ उसके चेहरे पर एक ऐसी मुस्कुराहट थी जो भीड़ की कड़वाहट को कम कर रही थी।or woh छोटी लड़की उसे देखे जा rahi thi तब to woh इस अहसास se अनजान thi ke यह kya अहसास हैँ jo woh उसे देखे जा rahi हैँ उसने खुद को सामने नहीं आने दिया, बस उस पल को अपनी आँखों के रास्ते दिल में उतार लिया। वक़्त गुज़रता गया... दिन हफ़्तों में, और हफ़्ते सालों में बदलते गए। वो छोटी लड़की अब बड़ी ho gayi एक समझदार लड़की बन gayi थी। पर हैरत की बात ये थी के उसके दिल के एक कोने में आज भी वही मंज़र महफ़ूज़ था। Or woh इस अहसास ko पहचानती thi ke यह kaisa अहसास हैँ दुनिया बदल गयी, वो अजनबी भी वक़्त के साथ बदल गया, पर उस लड़की की मोहब्बत नहीं बदली। उसने ना कभी उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बनने की कोशिश की, ना ही उनका पीछा किया। उसने तो बस उन्हें अपने ख्वाबों और अपनी पुरानी डायरी के पन्नों में बसा रखा था। आज भी, जब वह आँखें बंद करती है, उसे वही पुराना चेहरा, वही काले कपड़े और वही दिल्ली की धूप याद आती है। उसने तय किया था के अगर कभी ज़िंदगी ने मौक़ा दिया, तो वह उनके सामने खड़ी होकर सिर्फ़ इतना कहेगी: "मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए। तुम अपनी ज़िंदगी में खुश हो, और मैं उसी में खुश हूँ। बस तुम्हें ये बताना था के जब तुम मेरे शहर आए थे, तबसे लेकर आज तुम्हारे बूढ़े होने तक, मैंने तुम्हें एक लंबे अरसे से बे-इंतेहा मोहब्बत की है। बिना किसी उम्मीद के, बिना किसी शर्त के।"maine tumse mohabbat ki hai sirf तुमसे bas dil par ek boojh sa hai ke jisse maine mohabbat ki use keh na pai Kehte hai pehla piyar bhula nahi jata yeh sach hai mera pehla piyar tum ho bhale hi halat badal gaye लेकिन mere जज़्बात नहीं maine बहुत कोशिस की तुम्हे भुलाने की लेकिन तुम्हे भुला ना सकी कहते हैँ किसी ko भुलाने की कोशिस करने se वो or ज़यादा यात आता हैँ इशलिये मै तुहे भुला ना सकी or जब 5उम्र mere सामने ho to mujhe samajh नहीं आरहा हैँ ke kya करू kya कहु main dukhi bhi हूँ main खुश bhi हूँ तुम्हे देखने ke baad sayad मेने कभी इतनी खुशी महसूस की ho or मुझे तुमसे कहना हैँ ke Jab se maine tumhe pehli baar dekha to mujhe tumse mohabbat ho gayi tum bahut handsome the us waqt sayad koi bhi tumhe dekhta to wo tumse mohabbat kar leta jaise maine ki or aaj tum mujhe mile ho to mujhe tumse kehna tha jo maine mehsoos kiya ke mujhe tumse mohabbat hai maine duao me यही manga hai ke kaash tum phir ek baar mere samne aajao pehli ki trah or me tumhe door se nahi dekhungi or na ही chupungi or kahungi ke maine tumhe chaha hai sirf tumhe chaha hai or tumhe pata hona chaiye ke koi tumhe itna piyar karta hai kisi ke liye tum kitne khass ho or aaj tum mere सामने ho lekin maine tumse mohabbat ki bhale hi Tum mujhse bade ho bas tumhe batana tha ke Maine tumhe saalo se piyar kiya bina tumhe jaane बिना तुम्हे छुए or aaj bhi main तुम्हे पसब्द करती हु लेकिन इश्का मतलब यह नहीं ke main तुमसे piyar करती हूँ to तुम्हे bhi मुझे piyar करना हैँ बस मुझे बताना था jo aaj maine तुमसे कह दिया tum अपनी ज़िन्दगी में खुश ho or में तुम्हारी खुशी में खुश हूँ maine तुम्हे पाने ke liye कभी dua नहीं की बस हमेशा tum मेहफ़ूज़ रहो खुश रहो यही माँगा हैँ Tum खुश ho or अब तुम्हे देखकर main खुश हूँ Or maine apne dil की बात तुहे बताई इशलिये नहीं ke tum अपनी फेमिली se दूर ho जाओ बस इस liye ke tum कितने कगाश ho किसी ke liye Or अगर कभी तुम्हे लगे ज़िन्दगी ke किसी bhi मोड़ mar ke tum बेकार ho To tum इस बारे में ज़रूर सोचना ke किसी ke liye tum कितने खास ho तुम्हारी ek मुस्कुराहट किसी की ज़िन्दगी में kya मायने रखती हैँ tum किसी ke liye kya ho or tum किसी की ज़िन्दगी की वजह ho tum हमेशा खुश रहना or असजद में इतनी खुश हूँ ke mere पास अल्फाज़ bhi नहीं हैँ बताबे ke liye aaj meri मोहब्बत मुकम्मल हुई Tumhara shukriya mujhe aisa pakija ahshash karwane ke liye हमेशा खुश रहना or yeh सोचना ke तुम्हारे खुश रहने se किसी or ko शुकून or tum किसी ke liye कितने खाश ho अलविदा यह एक ऐसी कहानी थी जिसमें ना कोई मिलन था, ना कोई वादा। बस एक सच्चा अहसास था जो सालो पहले शुरू हुआ और ता-उम्र के लिए रह गया। Us लड़की की डायरी की कुछ खूबसूरत लाइन Muhabbat pane ka naam nahi, muhabbat dikhane ka naam nahi Muhabbat umar ki mohtaj nahi Muhabbat ek ahsas hai jo dil mehsoos karta Isme zamane ka kaam nahi"
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