Finally got father's later

Jafar GK
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रामू ने काली परछाई की तरफ देखा। रामू: “तो तुम हमें डराने नहीं... बल्कि यहाँ तक लाने आए थे?” परछाई कुछ देर तक शांत रही। फिर धीरे-धीरे धुंध में बदलने लगी। गोपाल ने धीमी आवाज में कहा— गोपाल: “दादाजी... शायद यही आपके पिता की आत्मा थी।” रामू की आँखों में आँसू थे। रामू: “बाबा... इतने साल बाद भी आपने हमारा साथ नहीं छोड़ा।” परछाई पूरी तरह धुंध में गायब हो गई। #Fatherslater