garudaPuran [Complete] गरुड़ महपुराण - Part 10 | garud Maha Puran | Hindu Ved puran

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garud Puran [Complete] गरुड़ महपुराण - Part 10 | garud Mah Puran | Hindu Ved puran Subscribe my youtube channel: https://www.youtube.com/channel/UCHluayU4Er8R7lSbCeyVkSw/featured Related searches garud puran in hindi, garud puran katha in hindi, garud puran,garud puran stories in hindi, garud puran explained in hindi, garud puran stories, garuda puran,garuda purana in hindi, kya garud puran padna chahiye, garuda purana,garud puraan, garud purana,garud puran katha in pdf, garuda purana in hindi pdf, complete garud puran, garud puran complete, garuda purana in hindi pdf gita press, garuda mahapuran in hindi, kya jeete ji garud puran pad sakte hain video detail आज के वीडियो में गरुड़ पुराण पार्ट वन। गरुड़ पुराण महा पुराण। वाहन भगवान विष्णु से दर्शन के प्रार्थना। जिन परमात्मा से ये ब्रह्मादि रूप जगत प्रकट होता है। और सब कुछ जगत के कारण जिन परमेश्वर में ये समस्त संसार स्थित है तथा अंतकाल में यह समस्त जगत जिनमें लीन हो जाता है, वे तीन बंदूक भगवान आज मेरे नेत्रत्व के समक्ष दर्शन दे। जिन के कर कमल में सूरी के समान प्रकाशमान चक, भारी गदा और श्रेष्ठ शंख शोभित हो रहा है। जो पक्षीराज गरुड़ की पीठ पर अपने चरण कमल रखे हुए हैं, वे तीन बंधु भगवान आज मुझे नेत्रों के समक्ष दर्शन दे। जिन किसने है? दृष्टि से देखे जाने के कारण देवता लोग ऐश्वर्य पाते हैं और उप दृष्टि के द्वारा देखे जाने से दानों लोग नष्ट हो जाते हैं तथा सूर्य, यम और वायु आदि जिनके भय से भयभीत होकर अपने अपने कार्यों में प्रवृत्त होते हैं, वे तीन बंदूक भगवान। आज मेरी नेत्रों के समक्ष दर्शन थे। जो जागते हुए पुरुष दूर चला जाता है और सोते हुए पुरुष का वैसे ही निकट आ जाता है जो परमात्मा के साक्षात्कार का प्रधान साधन है। जो भूत भविष्य वर्तमान सन कृष्ण और विवाहित पदार्थों का एकमात्र के आता है। और जो इस शो का ज्ञान प्राप्त करने वाले श्रोत आदि इंद्रियों का एकमात्र प्रकाशक और प्रवर्तक हैं। मेरा वो मान। कल्याणकारी भागवत संबंधी संकल्प से युक्त हो। एवं धीर विद्वान जिसके द्वारा यज्ञ क्यों? पदार्थों का ज्ञान प्राप्त करके यज्ञों में कर्मों का विस्तार करते हैं। जो इंद्रियों का पूर्वज। अथवा आत्म स्वरूप है जो पूछे हैं और समस्त प्रजा के हृदय में निवास करता है। मेरा वो मन कल्याणकारी, भगवान संबंधी संकल्प संयुक्त हो। जो विशेष प्रकार के ज्ञान का कारण है, जो सामान्य ज्ञान का कारण है, जो धैर्य रूप है, जो समस्त प्रजा के हृदय में रहकर उनकी समस्त इन्द्रियों को प्रकाशित करता है, जो स्थूल शरीर की मृत्यु होने पर भी अमल रहता है और जिनके बिना कोई भी कर्म नहीं किया जा सकता। मेरा वो मन कल्याणकारी भागवत संबंधी संकल्प, संयुक्त जिंस अमृतस्वरूप मन के द्वारा भूत, वर्तमान और भविष्य संबंधी। सभी वस्तुएँ ग्रहण की जाती है। ओर जिसके द्वारा साथ होता हूँ वाला अग्निष्टोम यज्ञ होता है। मेरा वो मान कल्याणकारी भागवत संबंधी संकल्प से युक्त। चेस मन में रथचक्र की नाभि में लगे आरो के समान ऋग्वेद और सामवेद प्रतिष्ठित हैं तथा जिनमें यजुर्वेद प्रतिष्ठित हैं, जिनमें प्रजा का सब पदार्थों से संबंध रखने वाला संपूर्ण ज्ञान ओतप्रोत है। वो मेरा मन कल्याणकारी भागवत संबंधी संकल्प से युक्त हो। श्रेष्ठ सारथी जैसे घोड़ों का संचालन और राष्ट्र के द्वारा घोड़ों का नियंत्रण करता है, वैसे ही जो प्राणियों का संचालन तथा नियंत्रण करने वाला है, जो हृदय में रहता है, जो कभी बूढ़ा नहीं होता और जो अत्यंत बेगवान है। मेरा अनुमान कल्याणकारी भागवत संबंधी संकल्प से यू। ओह। असतो मा सद्गमय। हे रुद्र? ये गरुड़ महापुराण विद्या या सौंदर्य, लक्ष्मी, विजय और आरोग्य आदि का कारण है। जो मनुष्य इसका पाठ करता है या सुनता है। वो सब कुछ जान जाता है और अंत में उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। जो मनुष्य एकाग्रचित होकर इस महापुराण का पाठ करता है, सुनता है अथवा सुनाता है। जो इसको लिखता है, लिखाता है या पुस्तक के ही रूप में इसे अपने पास रखता है। वो यदि धर्मार्थी है तो उसे धर्म की प्राप्ति होती है। यदि वो अर्थ का अभिलाषी है तो अर्थ प्राप्त करता है। जिसमें मनुष्य के हाथ में ये गरुड़ महापुराण विद्यमान हैं। उसके हाथ में ही नीतियों का कोष है। जो प्राणी इस पुराण का पाठ करता है या इसको सुनाता है। वो कुक और मोक्ष दोनों प्राप्त कर लेता है। इस पुराण को पढ़ने वाले एवं सुनने वाले मनुष्य #garudapurana #garudpuran #garuda #HinduVedpuran

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