चमत्कारी महादेव मंदिर

Tilak
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#tilak #bholenath #darshan Credits: tilak Youtube Chanel भक्तों नमस्कार! प्रणाम! सादर नमन और अभिनन्दन.... निःसन्देह हमारा देश रहस्यों और चमत्कारों का देश है, विशेषकर देवभूमि और तपोभूमि हिमाचल प्रदेश की तो बात ही निराली है... हिमाचल प्रदेश सिर्फ अपनी खूबसूरत वादियों और बर्फ से ढके पहाड़ों की वजह से बीच नहीं जाना जाता, बल्कि यहां के हजारों हज़ार मंदिर भी तीर्थ यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जी हां, हिमाचल में कई ऐसे खूबसूरत और रहस्यमयी मंदिर है, जो प्राचीनकाल से यहां स्थापित हैं। लेकिन उनमें छुपे रहस्य आज के इस वैज्ञानिक युग में भी रहस्य ही हैं। आज हम आपको हिमाचल के एक ऐसे मंदिर की यात्रा दर्शन करवाने जा रहे हैं, जिसपर सदियों से आकाशीय बिजली गिरती आ रही है, लेकिन मंदिर आजतक ज्यों का त्यों बना है उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा? भक्तों ये अविश्वसनीय अवश्य है परंतु पूर्णतः सत्य है...हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित बिजली महादेव मंदिर की... इस मंदिर पर हर 12 साल में आकाशीय बिजली गिरती है, लेकिन इसके बाद भी हजारों वर्षों से ये मंदिर उसी दिव्यता और भव्यता से खड़ा है। दंत कथा: भक्तों बिजली महादेव के बारे में एक दंत कथा प्रचलित है। दंतकथा के अनुसार इस क्षेत्र पर कभी कुलांतक नामक एक भयंकर शक्तिशाली दैत्य ने कब्जा कर लिया था। विशाल अजगर के शरीर वाला यह दैत्य इस पूरे क्षेत्र को पानी में डुबा देना चाहता था। इस उद्देश्य से उसने व्यास नदी के पानी को रोक दिया था। इस पूरे क्षेत्र की रक्षा करने के लिए अंततः भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से कुलांतक का वध कर दिया। वध के पश्चात कुलांतक का विशाल शरीर एक पहाड़ में बदल गया और इस स्थान का नाम भी उसी दैत्य के नाम से अपभ्रंश के चलते कुल्लू हो गया। भक्तों तब भगवान शिव ने ही देवराज इन्द्र को आदेश दिया था कि वह इस दैत्य की देह पर हर बारह वर्ष में आकाशीय बिजली गिराएँ। तभी से प्रत्येक 12 वर्षों में यहाँ आकाशीय बिजली गिरती है। लेकिन इस बिजली से किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसलिए भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में यहाँ स्थापित हो गए और इन्द्र को अपने ऊपर ही बिजली गिराने के लिए आदेशित किया। तब से आज तक यह परंपरा चमत्कारिक रूप से बनी हुई है। क्षतिग्रस्त शिवलिंग पुनःमूल स्वरूप में: भक्तों बिजली महादेव मंदिर में हर 12 साल आकाशीय बिजली शिवलिंग पर ही गिरती है और शिवलिंग कई हिस्सों में खंड खंड विभाजित हो जाता है। तब मंदिर के पुजारी शिवलिंग के खंडों को एकत्र करके मक्खन से उन्हें चिपकाते हैं। खंडित शिवलिंग की मक्खन सेवा को भगवान शिव की मरहम पट्टी के तौर देखा जाता है। और कुछ दिनों बाद यह टूटा हुआ शिवलिंग चमत्कारिक ढंग से पुनः अपने मूल स्वरूप में लौट आता है। स्थानीय लोग बिजली महादेव को मक्खन महादेव भी कहते हैं। अनसुलझा रहस्य: भक्तों हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के रहस्यमयी बिजली महादेव मंदिर की, हर 12 साल बाद आकाशीय बिजली गिरने की घटना, शिवलिंग केखंडित होने की घटना और मक्खन से चिपकाए जाने पर शिवलिंग का पुनः अपने मूलस्वरूप पर आने की घटना आज भी वैज्ञानिकों और खगोलशास्त्रीयों के लिए अनसुलझा रहस्य बना है। यद्यपि कई वैज्ञानिक और खगोलशास्त्रीय कई बार इस रहस्य का उदघाटन करने के लिए महीनों अपना सिर खपाया लेकिन परिणाम ढाँक के तीन पात ही रहा। और बिजली महादेव मंदिर का रहस्य आज तक कोई नहीं सुलझा पाया। भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन ! ???? इस कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में हम भक्तों को भारत के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर, धाम या देवी-देवता के दर्शन तो करायेंगे ही, साथ ही उस मंदिर की महिमा उसके इतिहास और उसकी मान्यताओं से भी सन्मुख करायेंगे। तो देखना ना भूलें ज्ञान और भक्ति का अनोखा दिव्य दर्शन।???? Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. #devotional #mandir #vlogs #hinduism #bijlimahadevmandir #bijlimahadev #bholenath #mahadev #kullu #kullumanali #himachalpradesh #travel #darshan #tilak #yatra

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